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Category: Astrology

ज्योतिष विज्ञान में छुपा है आपके स्वस्थ जीवन का राज़! जानें कैसे

वैदिक दर्षनों में ‘‘यथा पिण्डे तथा ब्रहाण्डे’’ कर सिद्धांत प्रचलित है, जिसके अनुसार सौर जगत में सूर्य और चंद्रमा आदि ग्रहों की विभिन्न गतिविधियों एवं क्रिया कलापों में जोे नियम है वही नियम मानव शरीर पर है। जिस प्रकार परमाणुओं के समूह से ग्रह बनें हैं उसी प्रकार से अनन्त…

पितृपक्ष में कालसर्प दोष की निवृत्ति

विभिन्न शास्त्रों में कालसर्प योग के बारे में विभिन्न धारणाएॅ प्रस्तुत हैं, जिसमें सभी में एक मत है कि राहु एवं केतु के बीच यदि सभी ग्रह फॅसे हुए हों तो कालसर्प योग निर्मित होता है। यदि राहु आगे तो तथा केतु पीछे और सूर्यादि सातों ग्रह राहु एवं केतु…

भरणी श्राद्ध से पायें पुण्य और कालसर्पदोष के कष्ट से निवारण

प्राचीन काल से मान्यता है कि श्रवण और भरणी नक्षत्र में किए गए पूण्यकार्य से  पाप एवं शाप की निवृत्ति होती है। भरणी नक्षत्र में किए गए दान एवं कर्म से पितरों को लाभ होता है जिससे जीवन में सुख तथा समृद्धि की वृद्वि होती है। भरणी नक्षत्र का स्वामी…

वैशाख मास शुरू हो रहा है, वैशाख मास का महत्व, तुलसी पूजन, स्नान-दान के साथ ये काम करना होगा शुभ

आज से वैशाख मास शुरू हो रहा है। आज वैशाख कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि और शनिवार का दिन है। साथ ही आज शाम 05 बजकर 58 मिनट तक स्वाति नक्षत्र रहेगा। आपको बता दूं कि हमारी संस्कृति में वैशाख मास का बहुत महत्व है। शास्त्रों में वैशाख मास के दौरान किये…

नक्षत्र से जाने आप का दिन शुभ होगा या अषुभ

नक्षत्र संस्कृत का शब्द है, जिसका अर्थ है न क्षरति न सरति इति नक्षत्रः अर्थात् न हिलने वाला न चलने वाला, जो स्थिर हों, ग्रहों एवं नक्षत्रों में यहीं प्रमुख भेद है कि ग्रह तो भ्रमणषील हैं किंतु नक्षत्र स्थिर। भारतीय ज्योतिष में राषि-पथ एक स्थिर नक्षत्र से प्रारंभ होता…

कैसा होगा आपका जीवन साथी

विवाह योग्य प्रत्येक कन्या के मन में एक बार यह प्रष्न अवष्य जाग्रत होता है कि उसका भावी वर कैसा होगा, क्या करता होगा, कहाॅ से होगा तथा किस स्थिति का होगा तथा उसके साथ व्यवहार कैसा होगा। यह सारी बातें उस कन्या की कुंडली के सप्तम भाव, सप्तमेष तथा…

दुर्गा अष्टमी के दिन ऐसे करें देवी मां की पूजा, साथ ही जानें शुभ मुहूर्त

Ashtami Vrat Shubh Muhurat : नवरात्रि (Navratri 2019) का पर्व 6 अप्रैल से शुरू हुआ था। इस मौके पर माता के सभी मंदिरों में भक्‍तों की भारी भींड़ देखने को मिली। नवरात्रि का आखिरी दिन राम नवमी की पूजा के साथ 14 अप्रैल को समाप्‍त होगा। 13 अप्रैल को नवरात्रि का…

न्यायालयीन प्रकरण में जय-पराजय के ज्योतिष योग

महत्वाकांक्षा ही व्यक्ति से नैतिक-अनैतिक, वैधानिक-अवैधानिक, सामाजिक-असाजिक कार्य कराती है साथ ही किसी विषय पर विवाद, कोई गुनाह, संपत्ति से संबंधित झगड़े इत्यादि का होना आपकी कुंडली में स्पष्ट परिलक्षित होता है। अगर इस प्रकार के कोई प्रकरण न्यायालय तक पहुॅच जाए तो उसमें जय प्राप्त होगी या पराजय का…

शेयर बाजार में मंगल का असर

शेयर बाजार का सीधा संबंध मंगल से है। किसी व्यक्ति विशेष की कुण्डली में मंगल की सकारात्माक स्थिति उसे शेयर बाजार में लाभ दिलाती है। बारह भावों में से पांचवा भाव प्रारब्ध से जुडा होता है। पूर्व जन्मा के कर्म हमें इस जन्म में अनायास लाभ दिलाते हैं। पांचवें भाव…

भटकाव ज्योतिष कारण व निवारण

आज के आधुनिक युग में जहाँ सभी प्रकार की सुख-सुविधाएँ जुटाने का प्रयास हर जातक करता है, वहीं पर उन सुविधाओं के उपयोग से आज की युवा पीढ़ी भटकाव की दिशा में अग्रसर होती जा रही है। पैंरेंटस् जिन वस्तुओं की सुविधाएँ अपने बच्चों को उपयेाग हेतु मुहैया कराते हैं,…

गर्भ में ग्रहों का प्रभाव

”कथम उत्पद्यते मातु: जठरे नरकागता गर्भाधि दुखं यथा भुंक्ते तन्मे कथय केशव गरूड पुराण में उक्त पंक्तियां लिखी हैं, जिससे साबित होता है कि गर्भस्थ शिशु के ऊपर भी ग्रहों का प्रभाव शुरू हो जाता है। गर्भ के पूर्व कर्मो के प्रभाव से माता-पिता तथा बंधुजन तथा परिवार तय होते…

स्वप्न ज्योतिष का रहस्य

उपनिषदों के अनुसार आत्मचेतना में आत्मा की गति स्थूल कोषों से सूक्ष्म कोषों की ओर होती है। किन्तु वह सूक्ष्मतम आनन्दमय कोष में नहीं, बल्कि स्वयं आनन्दमय है। इसी प्रकार चेतना की दृष्टि से आत्मा की चार अवस्थाएँ होती हैं- (1) जाग्रत- जागने की स्थिति, जिसमें सब इन्द्रियाँ अपने विषयों…

शनि है राजा!!!

व्याख्यान मिलता है कि शनि के प्रकोप से ही अपने राज्य को घोर दुर्भिक्ष से बचाने के लिये राजा दशरथ उनसे मुकाबला करने पहुंचे तो उनका पुरुषार्थ देख कर शनिदेव ने उनसे वरदान मांगने के लिये कहा। राजा दशरथ ने विधिवत स्तुति कर उन्हे प्रसन्न किया। पदम पुराण में इस प्रसंग…

सिंह-कन्‍या राशि वालों के लिए पीला रंग है शुभ तो धनु राशि वाले नारंगी रंग से खेलें होली

 हिंदुओं का लोकप्रिय त्योहार होली अब काफी करीब है। हिंदू कैलेंडर के हिसाब से इस बार होलिका दहन 20 मार्च यानि बुधवार और बड़ी होली 21 मार्च को मनाई जाएगी। होली रंगों का त्योहार है और माना जाता है कि प्रत्येक रंग का कोई न कोई अर्थ जरूर होता है।…

होली के दिन काली हल्‍दी के ये टोटके कभी नहीं जाते खाली, धन-धान्य से भर जाती है तिजोरी

इंसान जीवन में कई बार कष्ट अपने कर्मों से नहीं बल्कि अपने दुश्मनों के कारण ज्यादा उठाता है। लोगों के मित्र कम दुश्मन ज्यादा बन जाते हैं और ऐसा उन लोगों के साथ ही होता है जो दिल और दिमाग से साफ होते हैं। ऐसे लोगों के दुश्मन इतने होते…

होलिका दहन आज, इस विधि से करें पूजा-अर्चना, जानें क्या है शुभ मुहूर्त

होली के रंगों को खास मनाने के लिए होलिका दहन का अपना महत्व होता है. फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर प्रदोष काल में होलिका दहन किया जाता है. पूर्णिमा के दिन चौराहों पर होलिका दहन किया जाता है. इस दिन बड़ी संख्याओं में महिलाएं होली की पूजा…

शनिवार को इस विधि से करें शनि देव की पूजा, मिलेगा ‘शनि दोष’ से छुटकारा

शनिवार के दिन भगवान शनिदेव की पजा होती है। शनि देव को न्‍याय का देवता माना जाता है। बहुत से लोग उनसे डरते हैं मगर वह ऐसे देवता हैं जो सभी के कर्मों का फल देते हैं। उनसे कोई भी बुरा काम नहीं छुपा है। कुंडली में यदि शनि अशुभ…

सफल खिलाड़ी बनने के ग्रह संयोग

प्राचीनकाल से खेल के प्रति रूझान रहा है, जिसका कारण लोगों को एकजुट रखना तथा शरीर सौष्ठव को कायम रखने से रहा है किंतु वर्तमान काल में खेल से धन शोहरत के साथ अपार लोकप्रियता तथा बड़ी-बड़ी कंपनियों से अनुबंध के साथ धन तथा नौकरी का लाभ भी प्राप्त होता…

खुशी में भी महादेव करते हैं तांडव, जानें इसका रहस्य

ऐसा कहा जाता है कि महादेव जब क्रोध में होते हैं वे तांडव करना शुरू कर देते हैं. इसके अलावा उनके तांडव के चलते समस्त सृष्टि का भी विनाश हो सकता है. लेकिन बता दें, तांडव सिर्फ क्रोध में नही किया जाता बल्कि खुशी के मौकों पर भी भोलेनाथ तांडव…

जानें, क्या है शिव चालीसा के पाठ का सही तरीका?

पूजा पाठ में शिव चालीसा का बहुत महत्व है. शिव चालीसा के सरल शब्दों से भगवान शिव को प्रसन्न किया जा सकता है. शिव चालीसा के पाठ से कठिन से कठिन कार्य को बहुत ही आसानी से किया जा सकता है. शिव चालीसा की 40 पंक्तियां सरल शब्दों में विद्यमान…

शास्त्रों के अनुसार बेहद गुणीं होती हैं ये महिलाएं, जिस घर भी जाती हैं चमका देती हैं किस्मत

हिंदू शास्त्रों के अनुसार गुण से भरी महिलाएं अच्‍छी जीवनसाथी साबित होती हैं। विवाह करने के लिए जब आप महिलाओं के लक्षणों पर नजर डालते हैं तो आपको अलग-अलग गुणों से भरी महिलाएं देखने को मिलती हैं। मगर शास्‍त्र के अनुसार यदि किसी भी महिला में 5 गुण मिल जाएं…

राहु का राशि परिवर्तन “मेष, सिंह, कन्या व मकर राशि को जबरदस्त लाभ मिलेगा”

भारतीय ज्योतिष के अनुसार राहु नामक छाया ग्रह अत्यंत बलवती पापाग्रह के नाम से जाना जाता है। जिसके फलस्वरूप गोचर में राशि से तृतीय अर्थात् मेष राशि, छठे यानी मकर राशि एवं एकादश अर्थात् सिंह राशि के लिए यह चातुर्दिक विकास का मार्ग प्रशस्त करने वाला कहा जाएगा। वहीं मीन,…

कालसर्प दोष की भ्रांति और ज्योतिषीय यर्थाथ –

ज्योतिषीय आधार पर कालसर्प दो शब्दों से मिलकर बना है ‘‘काल’’ और ‘‘सर्प’’ । काल का अर्थ समय और सर्प का अर्थ सांप अर्थात् समय रूपी सांप। ज्योतिषीय मान्यता है कि जब सभी ग्रह राहु एवं केतु के मध्य आ जाते हैं या एक ओर हो जाते हैं तो कालसर्प…

बनाएं बच्चों का भविष्य सुरक्षित

बच्चे के भविष्य की प्लानिंग कुछ ऐसे लक्ष्य हैं जिससे कोई भी मां-बाप समझौता नहीं करना चाहते हैं। वहीं बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने के लिए ऐसे निवेश विकल्पों में निवेश करना चाहिए जहां जोखिम कम हो। अपने वित्तीय लक्ष्य महंगाई दर को ध्यान…

ज्योतिष में राजयोग

”राजयोग जैसा की नाम से ही पता चलता है की राजयोग कोई येसा योग है जो एक साधारण से इन्सान को राजा बना सकता है। जब कोई कुण्डली को देखता है और जातक को बताता है की आपकी कुण्डली में राजयोग है, तो जातक के चहरे पर एक मधुर मुस्कान…

माॅ दुर्गाजी की नवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री है। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देेने वाली हैं। मार्कण्डेय पुराण के अनुसार अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राकाम्य, ईषित्व और वषित्व ये आठ प्रकार की सिद्धियाॅ होती हैं। माॅ सिद्धिदात्री भक्तों और साधकों को ये सभी सिद्धियाॅ प्रदान करने में समर्थ…

ॐ का उच्चारण करते समय बरतें ये सावधानियां

‘ॐ’ तीन अक्षरों से मिलकर बना है – अ , ऊ और म. यह ईश्वर के तीन स्वरूपों ब्रह्मा, विष्णु और महेश का संयुक्त स्वरूप है. इसी शब्द में सृजन, पालन और संहार, तीनों शामिल हैं. इसलिए इस शब्द को स्वयं ईश्वर ही माना जाता है. अगर इस शब्द का…

माॅ दुर्गा के पाॅचवें रूवरूप “माॅ स्कन्दमाता”

माॅ दुर्गा के पाॅचवें रूवरूप को स्कन्दमाता के नाम से मनाया जाता है। ये भगवान स्कन्द ‘‘कुमार कार्तिकेय’’ , जोकि प्रसिद्ध देवासुर संग्राम में देवताओं के सेनापति बने थे तथा शक्तिधर के नाम से जिनकी महिमा है, इन स्कन्द की माता के रूप में पूजी जाती हैं। देवी के विग्रह…

March 2019 Calender: जानें एक क्लिक में कब पड़ रही है महाशिवरात्रि, होली सहित अन्य व्रत-त्योहार

List of Vrat and Festival in March 2019: साल 2019 का तीसरा यानी मार्च का महीना शुरू होने वाला है. हर महीने की तरह इस महीने में भी कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार दस्तक देने वाले हैं. इस बार मार्च महीने के दूसरे दिन विजया एकादशी और चौथे दिन महाशिवरात्रि का बड़ा…

अगर घर में लगाया तुलसी का पौधा सूख कर हो जाए काला, तो आप पर आने वाली है ये गंभीर मुसीबत

हिंदू धर्म में तुलसी जी का बड़ा महत्‍व है। यदि पानी देने के बावजूद भी यह सूख रही है तो जानें आपके जीवन में क्‍या बुरा असर आने वाला है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक तुलसी सिर्फ एक पौधा नहीं है बल्कि धरती के लिए वरदान है और इसी वजह से…