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Category: Astrology

ऑफिस में रखें इन बातो का ध्यान

1. दरवाजे की ओर पीठ करके कभी न बैंठें। 2. बीम के नीचे न तो कभी बैठें और न ही काम करें। 3. अपने केबिन के दक्षिण-पश्चिम कोने में बैठे और मुख उत्तर अथवा पूर्व दिशा में रहें। 4. अपने कक्ष/केबिन का दक्षिण-पश्चिम कोना कभी भी रिक्त न रहने दें।…

नक्षत्र से जाने आप का दिन शुभ होगा या अशुभ

नक्षत्र संस्कृत का शब्द है, जिसका अर्थ है न क्षरति न सरति इति नक्षत्रः अर्थात् न हिलने वाला न चलने वाला, जो स्थिर हों, ग्रहों एवं नक्षत्रों में यहीं प्रमुख भेद है कि ग्रह तो भ्रमणषील हैं किंतु नक्षत्र स्थिर। भारतीय ज्योतिष में राषि-पथ एक स्थिर नक्षत्र से प्रारंभ होता…

कर्ज से मुक्ति का ज्योतिषीय उपाय

वर्तमान दौर में व्यक्ति को कर्ज लेना ना केवल आवष्यक बल्कि मजबूरी भी है। आज के आधुनिक दौर में सभी आवष्यक कार्यो हेतु कर्ज लेना पड़ता फिर वह बच्चों की षिक्षा विवाह के लिए हो या मकान वाहन के लिए। हर अहम परिस्थिति में कर्ज लेना जरूरी हो गया है।…

दिवाली पूजन विधि एवं मुहूर्त

सौभाग्य योग की पूजा देगा सौभाग्य और समृधि – कार्तिक कृष्ण पक्ष अमावस्या रात्रि 09:32 तक दिन बुधवार, स्वाति नक्षत्र शाम 07:37 तक, आयुष्मान योग संध्या 05:57 तक उसके बाद सौभाग्य योग रात्रि भर, चंद्रमा तुला राशि के – अभिजित मुहूर्त – 11:59 – 12:22 तक शुभ और पूजन में…

नरक चतुर्दशी अथवा रूप चतुर्दशी

कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी नरक चतुर्दशी अथवा रूप चतुर्दशी एव छोटी दीपावली के रूप में मनायी जाती है। यह त्यौहार नरक चौदस या नर्का पूजा के नाम से भी प्रसिद्ध है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने अत्याचारी और दुराचारी दु्र्दान्त असुर नरकासुर का वध किया था और सोलह…

” धनतेरस ” भगवान धन्वन्तरि की पूजा से होती है सुख-समृद्धि व आरोग्य की प्राप्ति

धनतेरस खरीदी एवम पूजा मुहूर्त धनतेरस मुहूर्त 05 नवम्बर, 2018   कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी रात्रि 01:47 तक सोमवार, हस्त नक्षत्र रात्रि 08:37 तक, विष्कुंभ योग रात्रि 10:11 तक उसके बाद प्रीत योग, चंद्रमा कन्या राशि में.   राहुकाल – प्रात: 08:07 – 09:32 अभिजीत मुहूर्त –   11:59 AM से  12:45 PM अमृत- 06:42 से 08:07 शुभ- 09:32 से 10:57 चर- 13:47 से  15:12 लाभ- 15:12 से 16:37 अमृत…

आकस्मिक निवेष का ज्योतिषीय परिप्रेक्ष्य –

वर्तमान युग में जल्दी अमीर बनने तथा समृद्धि पाने की चाह कई व्यक्ति को होती है, इसके लिए कई बार व्यक्ति लाटरी, शेयर या स्टाॅक से संबंधित क्षेत्र में धन लाभ हेतु प्रयास करता है किंतु कई बार दूसरों की देखादेखी यह प्रयास उसके लिए हानिकारक साबित होता है। जहाॅ…

आपकी आय और आपकी कुंडली में योग –

किसी जातक का आजीविका का साधन क्या हो सकता है। यह उसकी कुंडली से जाना जा सकता है। कई बार देखने में आता है कि जातक की षिक्षा किसी क्षेत्र में होती है और उसकी नौकरी का क्षेत्र उस षिक्षा से बिल्कुल भी विपरीत क्षेत्र में होता है। इस सबका…

 करवा चौथ व्रत

 करवा चौथ व्रत – पति की लंबी आयु के लिए किया जाता है व्रत – संकल्प शक्ति का प्रतीक है करवा चौथ व्रत – अखंड सौभाग्य की कामना का व्रत है करवा चौथ – कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है व्रत ————————————————————-  पूजन सामग्री…

रिश्तों में मधुरता बढ़ाने का ज्योतिषीय उपाय

ग्रह, नक्षत्र हमारे आपसी रिष्तों पर अपना पूरा प्रभाव डालते हैं। इस संबंध में ज्योतिषषास्त्र में पर्याप्त जानकारी प्राप्त होती है। कुंडली में प्रत्येक ग्रह से कोई ना कोई रिष्ता जुड़ा होता है तथा प्रत्येक भाव से रिष्तेदारो की स्थिति की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। सूर्य से जहाॅ…

मूलांक से जानिए अपना कार्य क्षेत्र

मूलांक से जानिए अपना कार्य क्षेत्र अंक 1-इस अंक वालों का प्रधान ग्रह सूर्य होता है, इसलिए ये लोग अनाज, सोना, मोती, का व्यापार कर सकते हैं। साथ ही सरकारी क्षेत्र में अपना करियर बना सकते है। इन्हें अवैधानिक या गैरकानूनी बिजनेस नहीं करना चाहिए। इसमें इन्हें हानि होने की…

आय में बाधा का कारण और बेहतर करने ज्योतिष उपाय –

आज के भौतिक युग में प्रत्येक व्यक्ति की एक ही मनोकामना होती है की उसकी आर्थिक स्थिति सुदृढ रहें तथा जीवन में हर संभव सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती रहे। किसी व्यक्ति के पास कितनी धन संपत्ति होगी तथा उसकी आर्थिक स्थिति तथा आय का योग तथा नियमित साधन कितना तथा…

कुंडली से जाने विवाह समय –

किसी जातक का सामान्य प्रष्न होता है कि उसका विवाह कब होगा। इसकी जानकारी के लिए उस जातक की राषि में सप्तमेष जिस ग्रह में स्थित होता है उसके स्वामी या नवांष में जिस राषि में सप्तमेष स्थित है उसके स्वामी के दषाकाल में शादी का योग बनता है। कारक…

किन कारणों से होती है इशान दिशा दोषपूर्ण????

1. ईशान दिशा में शौचालय होना अनिष्ठ माना जाता है. जो संतति और समृध्दि को नष्ट कर देता है साथ ही विचारों में वैमनस्य देता है 2. उत्तर और ईशान तरफ़ कम जगह छोडकर या उसकी सरहद से भवन का निर्माण काम करने में आया होतो यह गृहिणी के स्वास्थ्य…

प्रश्न और ज्योतिष

जीवन के रहस्य को सुलझाने के लिये प्राचीन काल से ही ऋषि मुनि तपस्वी साधु सन्त अपने अपने मत से जीवन के प्रकार को समझने और समझाने की कोशिश करते आये है.इन कोशिशो मे कई प्रकार के साधन प्रयोग मे लाये जाते रहे है और किसी भी साधन का प्रयोग…

रमन भविष्य में होंगे और ताकतवर

रमन सिंह छत्तीसगढ़ के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं। रमन सिंह 1990 और 1993 में मध्यप्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे। उसके बाद सन् 1999 में वे लोकसभा के सदस्य चुने गये। 1999 और 2003 में उन्होंने भारत सरकार में राज्य मंत्री का भी पद संभाला। 2004 में हुये विधानसभा के चुनावों में…

बहुला संकष्टी श्री गणेश व्रत –

बहुला संकष्टी श्री गणेश व्रत – भाद्रपद कृष्ण-पक्ष की तृतीया को भगवान गणेष की संकष्टहरण के रूप में पूजे जाते हैं। अमरकोष नामक ग्रंथ में उल्लेख है कि बहुला संकष्टी का व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। कहा जाता है किसी विषिष्ट कर्म में किसी प्रकार के…

सोलर तूफ़ान का प्रभाव भविष्यवाणी

  सोलर तूफ़ान का प्रभाव भविष्यवाणी……… जिस भी व्यक्ति को व्यवस्था का व्यवस्थापन का जिम्मा सौपा गया वह व्यक्ति अपना काम सही समय और सही तत्परता से ना करे तो वक़्त उसे दंडित करता है.… अपने जीवन में जो भी व्यक्ति न्यूनतम न्याय के सिद्धांत की अनुपालना नहीं करता उसे…

बच्चों का करियर और ज्योतिष

हर माता-पिता की एक ही कामना होती है कि उसके बच्चे उच्च शिक्षा ग्रहण अच्छा कैरियर प्राप्त करें। इसके लिए वे हर प्रकार से प्रयास करते हैं साथ ही हर वह उपाय करते हैं, जिससे उनकी मनोकामना पूरी हो किंतु हर संभव प्रयास करने के उपरांत भी कई बार असफलता…

पितृ-दोष के कारण और उसके निवारण के ज्योतिषीय उपाय –

पितृ-दोष के कारण और उसके निवारण के ज्योतिषीय उपाय – भारतीय सामाजिक परंपरा में जीव को अमर माना गया है तथा मान्यता है कि जीवन में किए गए कर्मो के शुभ-अषुभ, नैतिक-अनैतिक तथा पाप-पुण्य के आधार पर संचित प्रारब्ध के अनुसार जीवन में सुख-दुख का सामना करना पड़ता है। हिंदु…

रोगों से लडने की शक्ति का

सूर्य कुण्डली में आरोग्य शक्ति व पिता के कारक ग्रह होते है, जब जन्म कुण्डली में सूर्य के दुष्प्रभाव प्राप्त हो रहे हों या फिर सूर्य राहू-केतू से पीडित हों तो सूर्य से संम्बधित उपाय करना लाभकारी रहता है….इन उपायों से रोगों से लडने की शक्ति का विकास होता है….विशेष…

बढ़ते सामाजिक अपराध का ज्योतिष कारण !!!!!!!!

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह समाज का एक सदस्य है और समाज के अन्य सदस्यों के प्रति प्रतिक्रिया करता है, जिसके फलस्वरूप समाज के सदस्य उसके प्रति प्रक्रिया करते हैं। यह प्रतिक्रया उस समय प्रकट होती है जब समूह के सदस्यों के जीवन मूल्य तथा आदर्ष ऊॅचे हों, उनमें…

नक्षत्र मेलापक के अष्टकूटों से विवाह मेलापक कितना सही ????????

ज्योतिष के बहुत से मिथको में एक मुझे अष्ट कूट भी लगते है जिसपर खुली बहस होनी चाहिए खासकर हम जब ज्योतिष को विज्ञान मानते हो तो फिर तर्क की कसौटी पर मान्यताओ को कसना चाहिएजहाँ पर १८ गन विवाह का न्यूनतम पैमाना हो वह २८ और ३२ गुणों में…

भयानक दुखदायी योग ??????

केमद्रुम योग!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली में बनने वाले विभिन्न प्रकार के अशुभ योगों में से केमद्रुम योग को बहुत अशुभ माना जाता है। केमद्रुम योग की प्रचलित परिभाषा के अनुसार किसी कुंडली में यदि किसी कुंडली में चन्द्रमा के अगले और पिछले दोनों ही घरों में कोई ग्रह…

तनाव से प्रभावित व्यवसायिक सफलता –

आज की आधुनिक जीवनषैली में तनाव का होना लाजिमी है। सुबह उठने से लेकर रात के अंतिम प्रहर तक कोई ना कोई बात या कार्य या व्यवहार तनाव का कारण बनता ही है। किंतु कई बार व्यक्ति तनाव के कारण इतना ज्यादा परेषान हो जाता है कि इस तनाव का…

तनाव से उत्पन्न मोटापा

तनाव मनःस्थिति से उपजा विकार है। मनःस्थिति एवं परिस्थिति के बीच असंतुलन एवं असामंजस्य उत्पन्न होने के कारण तनाव पैदा होता है। तनाव के कारण मन पर गहरी दरार पड़ती है, जिससे कई प्रकार के मनोविकार दिखाई देते हैं, जिसके कारण मन अषांत होना, अस्वस्थता महसूस होने के साथ कई…

परीक्षा के डर से उत्पन्न तनाव

परीक्षा के समय ज्यादा से ज्यादा अंक लाने की होड़, साथी बच्चों से तुलना, लक्ष्य का पूर्व निर्धारित कर उसके अनुरूप प्रदर्षन तथा इसी प्रकार के कई कारण से परीक्षा के पहले बच्चों के मन में तनाव का कारण बनता है। परीक्षा में अच्छे अंक की प्राप्ति के लिए किया…

बिमारियों की ज्योतिष वजह,कारण और निवारण

वैदिक दर्षनों में ‘‘यथा पिण्डे तथा ब्रहाण्डे’’ कर सिद्धांत प्रचलित है, जिसके अनुसार सौर जगत में सूर्य और चंद्रमा आदि ग्रहों की विभिन्न गतिविधियों एवं क्रिया कलापों में जोे नियम है वही नियम मानव शरीर पर है। जिस प्रकार परमाणुओं के समूह से ग्रह बनें हैं उसी प्रकार से अनन्त…

रत्न या उपरत्न क्यू और कैसे धारण करे

मानव मन से रत्न सम्बन्ध और पुरुष भाग्य निर्धारण की अवस्था का पूर्ण विवेचन, पेचीदा सवालों के सरल किस्म का वैदिक नियम बद्ध जवाब प्राचीन काल से ही रत्न अपने आकर्षक रंगों, प्रभाव, आभा तथा बहुमूल्ता के कारण मानव को प्रभावित करते आ रहे है। अग्नि पुराण ,गरुण पुराण, देवी…

संतानसुख में बाधा-कारण और ज्योतिषीय निवारण –

पिता बनने की आकांक्षा हर व्यक्ति का स्वभावतः रहता है वहीं हर स्त्री के मन मे अलक्षित रूप से मातृत्व के लिए उत्सुकता विद्यमान होती है। यह प्रकृति का सहज रूप है, इसमें कोई अवरोध है तो इसका कारण क्या है और इसका विष्लेषण कई बार चिकित्सकीय परामर्ष द्वारा प्राप्त…