॥ विष्णु सहस्रनाम स्तोत्रम् पुरश्चरण साधना विधि ॥
॥ विष्णु सहस्रनाम स्तोत्रम् पुरश्चरण साधना विधि ॥ (महाभारत के अनुशासन पर्व से उद्धृत — भीष्म द्वारा युधिष्ठिर को उपदेश) “शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं…” श्रीविष्णु के 1000 दिव्य नामों का यह स्तोत्र सम्पूर्ण मानवता के कल्याण के लिए अत्यंत शक्तिशाली और प्रभावशाली माना गया है। इसका पुरश्चरण भगवद्कृपा, शांति, लक्ष्मी प्राप्ति, समृद्धि, और कष्ट निवारण के लिए श्रेष्ठ है। 🕉️ १. विष्णु सहस्रनाम का स्वरूप व प्रभाव विषय विवरण 📜 स्रोत महाभारत, अनुशासन पर्व – 149वाँ अध्याय 🔱 देवता भगवान श्रीविष्णु (नारायण, जनार्दन, श्रीहरि) 🪔 गुण समस्त दोषनाशक, सर्वकामफलदायक, दीर्घायु,...