भय, रोग, दुर्भाग्य, तंत्र-बाधा, दुर्घटना, दरिद्रता दूर करने वाला अचूक मंत्र साधना
॥ श्रीरामरक्षास्तोत्रम् पुरश्चरण विधि ॥— यह एक अत्यंत शक्तिशाली तंत्रोपनिषद् स्तोत्र है, जिसकी रचना बुद्ध कौशिक ऋषि द्वारा की गई है। श्रीरामरक्षास्तोत्र का पुरश्चरण भय, रोग, दुर्भाग्य, तंत्र-बाधा, दुर्घटना, दरिद्रता तथा समस्त कष्टों से रक्षा करता है, और भक्ति, शक्ति, शांति तथा समृद्धि प्रदान करता है। 🕉️ 1. श्रीरामरक्षास्तोत्र का स्वरूप कुल श्लोक: ~38 (मुख्य स्तोत्र), कुल पंक्तियाँ ~220 देवी/देवता: श्रीरामचन्द्र जी, लक्ष्मण, सीता, हनुमान सहित रचयिता: महर्षि बुद्ध कौशिक स्रोत: श्रीरामरक्षास्तोत्र (तन्त्र उपनिषद् संहिताओं में वर्णित) 🎯 2. पुरश्चरण का उद्देश्य और लाभ उद्देश्य लाभ मानसिक, शारीरिक, आध्यात्मिक रक्षा...























