Archive

Category: Other Articles

शुरू होने वाली है कैलाश मानसरोवर यात्रा, 30 से पहले करें आवेदन

कैलाश मानसरोवर दुनिया का सबसे ऊंचा शिवधाम कहलाता है। इस स्थान को 12 ज्येतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। हर साल कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने के लिए हज़ारों साधु-संत, श्रद्धालु, दार्शनिक यहां भोलेनाथ के दर्शन के लिए एकत्रित होते हैं। यह जगह काफी रहस्यमयी बताई जाती है। इस बार…

ये हैं मां दुर्गा के 10 प्रसिद्ध मंदिर, शक्तिपीठ के दर्शन से होती है मनोकामनाएं पूरी

नवरात्रि पर अगर आपने मां के दर्शन का प्लान बनाया है तो आपको कुछ जगह दर्शन को जरूर जाना चाहिए। यहां मां सती के कई स्वरूप शक्तिपीठ के रूप में विराजमान हैं। 01 / 10 1. अम्बाजी मंदिर, गुजरात गुजरात-राजस्थान सीमा पर स्थित अम्बा जी के मंदिर नवरात्रि में दर्शन को…

शिवरीनारायण गुप्त तीर्थधाम, प्राचीन मूर्तियां शिल्पकला का अनूठा उदाहरण

शिवरी नारायण महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के त्रिधारा संगम के तट पर स्थित प्राचीन, प्राकृतिक छटा से परिपूर्ण और छत्तीसगढ़ की जगन्नाथपुरी के नाम से विख्यात कस्बा है। यह छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिला के अन्तर्गत आता है। यह बिलासपुर से 64 कि. मी., राजधानी रायपुर से बलौदाबाजार से होकर…

योग याधना की गहराइयाँ,योग से खुलते जीवन के रहस्य………..

 देश भर में योग याधना की गहराइयों को उजागर करने वाले शिविरों का बड़े स्तर पर आयोजन होता है। अनेक संस्था के योगाचार्यों द्वारा हर स्तर के साधकों को योगासन कराए जाते हैं। साथ ही सैद्धांतिक रूप से योगदर्शन के प्रवचनों एवं व्याख्यानों का भी श्रवण कराया जाता है। हमारे…

उत्तरप्रदेश की पावन नगरी वाराणसी

वाराणसी….उत्तरप्रदेश की नगरी वाराणसी का प्राचीन नाम काशी है, जो गंगा नदी के किनारे बसी हई है। कुछ लोग इसे बनारस के नाम से भी पुकारते हैं। वाराणसी कई शताब्दियों से हिन्दू मोक्ष तीर्थस्थल माना जाता है। यहां का बनारसी पान, बनारसी सिल्क साड़ी और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय संपूर्ण भारत…

जीवन के बैर भाव को मिटाता हैं क्षमावाणी पर्व..

जीवन के बैर भाव को मिटाता हैं क्षमावाणी पर्व……क्षमा शब्द मानवीय जीवन की आधारशिला है। जिसके जीवन में क्षमा है, वही महानता को प्राप्त कर सकता है। क्षमावाणी हमें झुकने की प्रेरणा देती है। दसलक्षण पर्व हमें यही सिख ‍देता है कि क्षमावाणी के दिन हमें अपने जीवन से सभी…

हिन्दू धर्म के प्रमुख सात तीर्थ .

हिन्दू धर्म के प्रमुख सात तीर्थ …….यूं तो हिन्दू धर्म के सैकड़ों तीर्थ स्थल है, लेकिन हम आपको बताना चाहते हैं कि उनमें से भी कुछ ऐसे तीर्थ स्थल हैं जो उन सैंकड़ों में शीर्ष पर है। यहां जाना सचमुच ही तीर्थ स्थल पर जाना माना जाता है। यह पुण्य…

निष्कलंकेश्वर महादेव…

देवास से करीब 25 किमी दूर ग्राम नकलन में निष्कलंक महादेव विराजित हैं। यहां महाशिवरात्रि का मेला लगा हुआ है, जहां घरेलू जरूरतों तथा श्रृंगार प्रसाधन के साथ ही खेती-गृहस्थी से संबंधित दुकानें भी सजी हैं। मनोरंजन के लिए झूले भी लगे हैं। लोगों का कहना है कि यहां स्थित…

चीन के महान दार्शनिक कंफ्यूशियस

कंफ्यूशियस….चीन के महान दार्शनिक और विचारक कंफ्यूशियस (confucius) का जन्म 551 ईसा पूर्व (28 अगस्त या सितंबर) को चीन के पूर्वी प्रांत शानडोंग (शान तुंग) के क्यूफू (छ्वी फु) शहर में हुआ था। यह वर्ष उनकी 2,561वीं जयंती का वर्ष है। भारत में उस काल में भगवान महावीर और बुद्ध…

छत्तीसगढ़ की पावन धरती, राजिम की पौरणिक कथा

त्रेता युग से भी एक युग पहले अर्थात सतयुग में एक प्रजापालक अनन्य भक्त था। उस समय यह क्षेत्र पद्मावती क्षेत्र या पद्मपुर कहलाता था। इसके आसपास का इलाका दंडकारण्य के नाम से प्रसिद्ध था। यहां अनेक राक्षस निवास करते थे। राजा रत्नाकर समय-समय पर यज्ञ, हवन, जप-तप करवाते रहते…

अंधकार के प्रति आकर्षण

असल में जो हमें पसंद नहीं है, मन होता है कि वह शैतान ने किया होगा। जो गलत, असंगत नहीं है, वह भगवान ने किया होगा। ऐसा हमने सोच रखा है कि हम केंद्र पर हैं जीवन के, और जो हमारे पसंद पड़ता है, वह भगवान का किया हुआ है,…

रतनपुर का सिद्ध शक्तिपीठ

भारत में देवी माता के अनेक सिद्ध मंदिर हैं, जिनमें माता के 51 शक्तिपीठ सदा से ही श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व के रहे हैं। इन्हीं में से एक है छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रतनपुर स्थित माँ महामाया देवी मंदिर। रतनपुर का महामाया मंदिर इन्हीं शक्तिपीठों में से…

धर्म-अर्थ-काम जीवन के तीन लौकिक पुरुषार्थ

भारतीय संस्कृति का मूल धर्म ही है। बल्कि कहना चाहिए कि भारतीय संस्कृति का प्राण धर्म है। दूसरे देशों की संस्कृति में जहां भौतिक तत्व की प्रधानता है, वहीं भारतीय संस्कृति में धर्म की प्रधानता है। इसलिए वह आध्यात्मिक संस्कृति है। धर्म शब्द को परिभाषा में बांधना कठिन ही नहीं…

पूजा पाठ यज्ञ की परंपरा और महत्त्व

यज्ञ की ऊष्मा मनुष्य के अंत:करण पर देवत्व की छाप डालती है। जहाँ यज्ञ होते हैं, वह भूमि एवं प्रदेश सुसंस्कारों की छाप अपने अन्दर धारण कर लेता है और वहाँ जाने वालों पर दीर्घकाल तक प्रभाव डालता रहता है। प्राचीनकाल में तीर्थ वहीं बने हैं, जहाँ बड़े-बड़े यज्ञ हुए…

नामकरण संस्कार

शिशु जन्म के दसवें या बारहवें दिन बच्चे का नाम रखा जाता है, इसे नामकरण संस्कार कहते हैं। इस संस्कार के समय माता, बालक को शुद्ध वस्र से ढंक कर एवं उसके सिर को जल से गीला कर पिता की गोद में देती है। इसके पश्चात् प्रजापति, तिथि, नक्षत्र तथा…

शांति की चाह और हिंसा की राह ये किसके सपनो का पाकिस्तान

पाकिस्तान इस्लामी गणतंत्र या सिर्फ पाकिस्तान, भारत के पश्चिम में स्थित एक इस्लामी गणराज्य है। यहाँ की प्रमुख भाषाएँ उर्दू, पंजाबी, सिंधी, बलूची और पश्तो हैं। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और अन्य महत्वपूर्ण नगर कराची व लाहौर हैं। पाकिस्तान के चार सूबे हैं पंजाब, सिंध, बलोचिस्तान और ख़ैबर-पख्तूनख्वा। कबाइली इलाके…

बाबा, जो लगाते हैं भूतों का मेला

आज जहां वैज्ञानिक ब्रह्मांड को भेद कर मंगल तक पहुंच चुके हैं, वहीं बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर स्टेशन के समीप एक गांव में एक बाबा द्वारा भूतों का मेला लगाकर आस्था के नाम पर अड्डंधविश्वास का खुल्लमखुल्ला खेल खेला जा रहा है। यह मेला प्रत्येक माह…

बाहरी धर्म कर्मकांड है भीतरी धर्म अध्यात्म

 धर्म और अध्यात्म अलग-अलग हैं या एक? इनका आपस में क्या रिश्ता है? रिलीजन एक इटालियन शब्द है, जिसका अर्थ है वह चीज जो हमें प्रभु के साथ जोड़े। धर्म के दो पहलू हैं -एक बाहरी और एक अंदरूनी। अंदरूनी पहलू, रूहानी पहलू है। यह अध्यात्म है। अंदरूनी लक्ष्य सबका…

जहां बरसते हैं कोड़े: अंधविश्वास

हम बहुत सी परम्पराओं, अंधविश्वासों को बिना कुछ विचार किये ज्यों का त्यों स्वीकार कर लेते हैं. यह भी नहीं देखते कि आज के परिपेक्ष्य में इसकी कोई प्रासंगिकता है भी या नहीं इसके पीछे कोई तर्क संगत आधार है कि नहीं. कहीं अंधविश्वास का तो हम अनुपालन नहीं कर…

बढ़ते सामाजिक अपराध का ज्योतिष कारक

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह समाज का एक सदस्य है और समाज के अन्य सदस्यों के प्रति प्रतिक्रिया करता है, जिसके फलस्वरूप समाज के सदस्य उसके प्रति प्रक्रिया करते हैं। यह प्रतिक्रया उस समय प्रकट होती है जब समूह के सदस्यों के जीवन मूल्य तथा आदर्श ऊंचे हों, उनमें…

अमरनाथ: श्रद्धा और रोमांच की यात्रा

 पहाड़, नदी, झरने, सफेद चमकती बर्फ, खूबसूरत घाटियां और बर्फ से जमी हुई नदियों से गुजरना। इतना ही काफी है अमरनाथ के सफर को बयां करने के लिए। हालांकि इस साल यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन फिलहाल बंद हो चुका है लेकिन जिन्होंने पहले ही रजिस्ट्रेशन करा लिया है उनकी यात्रा…

मेरी तो किस्मत ही खराब है

पुरूषार्थ का महत्व भाग्य से अधिक है साथ ही अधिकांश लोगो की मान्यता होती है कि भाग्य नाम की कोई चीज नहीं होती जितना कर्म किया जाता है उसी के अनुरूप फल मिलता है किंतु जीवन की कई अवस्थाओं पर नजर डाले तो भाग्य की धारणा से इंकार नहीं किया…

पितृ ऋण, देव ऋण,आचार्य ऋण, मातृ ऋण

 वैदिक काल से मान्यता है कि किसी भी मानव के जीवन में पितृ ऋण, देव ऋण, आचार्य ऋण, मातृऋण के कारण जीवन में असफलता तथा हानि बीमारी का सामना करना पड़ता है। माना जाता है कि इंसान को अपनी जिंदगी में कर्ज, फर्ज और मर्ज को कभी नहीं भूलना चाहिए।…

इस संसार से पलायन करने के दो मार्ग हैं- एक प्रकाश का और दूसरा अंधकार का…

इस संसार से पलायन करने के दो मार्ग हैं- एक प्रकाश का और दूसरा अंधकार का। जब मनुष्य प्रकाश मार्ग से जाता है तो वह वापस नहीं आता और अंधकार मार्ग से जाने वाले को पुन: लौट कर आना होता है। (गीता – 8/26) हम इंसानों के पास गीता के…

सामाजिक विकास से संबंधित ज्योतिष कारक

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह समाज का एक सदस्य है और समाज के अन्य सदस्यों के प्रति प्रतिक्रिया करता है, जिसके फलस्वरूप समाज के सदस्य उसके प्रति प्रक्रिया करते हैं। यह प्रतिक्रया उस समय प्रकट होती है जब समूह के सदस्यों के जीवन मूल्य तथा आदर्ष ऊॅचे हों, उनमें…

कृष्णमूर्ति पद्धति

 भौतिक जगत की तरह मानव ने अध्यात्म और दर्शन में भी कई महत्वपूर्ण अनुसंधान किये हैं। अध्यात्म और दर्शन से ही जुड़ा हुआ विषय है ज्योतिष। मानव के अनुसंधानात्मक प्रवृति से ज्योतिष भी अछूता नहीं रहा है। ज्योतिषशास्त्रियों ने अपने ज्ञान और अनुसंधान से इसमें कई नई चीजों को शामिल…

गर्भाधारण संस्कार

हमारे शास्त्रों में मान्य सोलह संस्कारों में गर्भाधान पहला है। गृहस्थ जीवन में प्रवेश के उपरान्त प्रथम कर्तव्य के रूप में इस संस्कार को मान्यता दी गई है। ग्रहस्थ्य जीवन का प्रमुख उद्देश्य श्रेष्ठ सन्तानोत्पत्ति है। उत्तम संतति की इच्छा रखनेवाले माता-पिता को गर्भाधान से पूर्व अपने तन और मन…

बुधवार को गणेश जी बरसाएंगे कृपा, अगर सुनेंगे उनके भाव विभोर कर देने वाले ये भजन और आरती

Ganesha bhagwaan bhajan aarti: हफ्ते का हर दिन किसी ना किसी देवी देवता को समर्पित होता है। आज बुधवार है तो ऐसे में यह दिन गणपति जी की पूजा का है। भगवान गणेश दुखों का नाश और संकट दूर करने वाले देवता माने गए हैं। इनकी पूजा सभी देवी देवताओं…

कैसे बनते हैं अंधविश्वास

आदिकाल में मनुष्य का क्रिया क्षेत्र संकुचित था इसलिए अंधविश्वासों की संख्या भी अल्प थी। ज्यों ज्यों मनुष्य की क्रियाओं का विस्तार हुआ त्यों-त्यों अंधविश्वासों का जाल भी फैलता गया और इनके अनेक भेद-प्रभेद हो गए। अंधविश्वास सार्वदेशिक और सार्वकालिक हैं। विज्ञान के प्रकाश में भी ये छिपे रहते हैं।…

इंदौर का गणेश मंदिर, जहां बुधवार को दीवार पर उल्टा स्वास्तिक बनाने पर होता है चमत्‍कार

इंदौर में विजय नगर से कुछ दूर खजराना चौक के पास ही एक मंदिर है खजराना मंदिर। ये मंदिर गणपति जी का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। बताया जाता है कि इस प्राचीन मंदिर का निर्माण अहिल्या बाई होल्कर ने कराया था और इस मंदिर में गणपति जी केवल सिंदूर से…